Blog

IR Sensor/Proximity Sensor और day/NightSensor

नमस्कार दोस्तों आज हमलोग IR sensor(चित्र १ ) और day/Night Sensor (चित्र २) के वोर्किंग/ काम करने के तरीके को समझेंगे.

प्रयग होने वाले सामग्री:- १. LM358/LM३५८

२. IR LED & DIODE

३.10k Potentiometer

४.Normal LED

५.Resistor 1pcs=10k, 1p=470

६.Bread board

७.LDR(light dependent resistor)

८.9v battery with cap

९.single index wire

काम करने का तरीका /Working :- वर्किंग को समझाने के लिए पहले हम लोगो को LM३५८ IC के काम करने के तरीके को समझना होगा.

LM३५८ (चित्र 3 ) :- ये ic operational Amplifier है.लेकिन हम लोग यहाँ वोल्टेज कोम्परेटर की तरह प्रयोग करेंग. इसमें दो इनपुट टर्मिनल होते है. पहला नेगटिव चिन्ह वाला जिसे इन्वेर्टिंग(इसमें आने वाला सिग्नल के विपरीत आउटपुट मिलता हैं.) कहते है. और दूसरा पॉजिटिव चिन्ह वाला जिसे नॉन इन्वेर्टिंग टर्मिनल (आने वाले सिग्नल के सामानांतर आउटपुट मिलता है) कहते है.

चलिए अब समझते है IR Sensor(चित्र १) के काम करने के तरके को जैसा की चित्र १ में दरसाया हुआ है. ऑपरेशनल अम्पलिफायर में दो इनपुट टर्मिनल है पिन संख्या 3 से एक पोटेंसियो मीटर/वेरिएबल रेजिस्टेंस कनेक्टेड है जिससे हम इनपुट वोल्टेज को कोंट्रोल कर सकते है . और वाही पिन संख्या २ से IR Diode(फोट ट्रांजिस्टर ) उलटे डायरेक्शन में कनेक्टेड है. जो की हमारा सेंसर का पार्ट है.

सेंसर :– सेंसर में दो पार्ट होते है. पहला IR LED(इन्फ्रारेड एल इ डी ) जिसका काम इन्फ्रारेड प्रकास को उत्सर्जित करना है. और दूसरा IR Diode(फोट ट्रांजिस्टर ) जिसका काम इन्फ्रारेड प्रकास को ग्रहण/महसूस करना है. जब ये दोनों एक साथ में एक ही दिशा के प्रयोग किये जाते है तो ये सेंसर की तरह काम करते हैं .

यहाँ पर हम लोगो ने ५ mm और ३ वाल्ट का IR LED(इन्फ्रारेड एल इ डी ) प्रयोग किया हैं . ४७०/470 ओम का प्रतिरोध(resistance) के साथ इसे series जोड़ा गया है. ताकि led ख़राब न हो क्योकि हमने यहाँ 9 वाल्ट के बैटरी का प्रयोग किया है. और IR Diode(फोट ट्रांजिस्टर) में १०k के प्रतिरोध (resistance) का प्रयोग किया गया है. जिसमे की फोटो ट्रांजिस्टर रिवर्स बायस (उलटे डायरेक्शन) में प्रतिरोधक के साथ series में जोड़ा गया है. आउटपुट में 470 ओम का प्रतिरोधक के साथ एक एल इ डी जोड़ा गया है. जो की हमें आउटपुट में जो भी बदलाव होंगे वो दिखाई देगा. अगर हमारे सेंसर के सामने काले रंग के वास्तु को छोर कर कोई भी वास्तु या अड़चन आती है तो IR LED से निकलने वाली प्रकाश उस अड़चन से प्रवर्तित होकर photo transistor के पास आयेगी जिसे photo transistor महसूस कर लेगा और एक सिग्नल op-amp को वेजेगा जिसे हमारा एम्पलिफ्यर सिग्नल को ग्रहण करलेगा और वोल्टेज को कम्पेयर करेगा जो की हमने वरियेबल रेसिस्टेंस के प्रयोग से एक निश्चित वाल्ट पर सेट कर रखा है.

अगर सेंसर से आने वाला वोल्टेज पिन संख्या २ और वरिएबल रेसिस्टेंस पिन संख्या 3 से जयादा होगा तो. हम इसे पॉजिटिव कहेंगे और हमें मालूम है की पिन संख्या २ पर जो भी सिनल आएगा ये उसका उल्टा आउटपुट देगा. इस्लिये हमें आउटपुट में कुछ भी नहीं मिलेगा यानी 0 (जीरो). इसलिए led ऑफ रहेगा . और वाही जब अड़चन को हटाया जायेगा तो पोतो ट्रांसिस्टर के पास कोई भी सिग्नल नहीं आएगा और ये op-amp को कोई संकेत नहीं देगा. जिसके कारन पिन संख्या २ नेगेटिव होगा पिन संख्या 3 के तुलना में इसलिए ये अपने बर्ताव के अनुसार आउटपुट उल्टा देगा यानि पॉजिटिव यानि १ यानि HIGH यानि +५ वाल्ट जिसके कारन LED ओन हो जायेगा.

याद रखे:- op-amp के दोनों इनपुट पिन के बिच जितना कम वोल्टेज का अंतर होगा हमारा सेंसर उतना जायदा संवेदंसिल(sensitive ) होगा.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *